Ayodhya Case: SC में जारी नियमित सुनवाई का असर, मंदिर निर्माण कार्यशाला में हलचल तेज

अयोध्या। राम मंदिर बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में जारी नियमित सुनवाई के बीच अयोध्या में मंदिर निर्माण कार्यशाला में हलचल तेज हो गई है। यहां पत्थर तराशने का काम सालों से जारी है और अब इन पर फफूंद और काई जम गई है, जिसे हटाने का काम शुरू हो गया है। शुक्रवार को इस काम के लिए आधा दर्जन श्रमिकों को लगाया गया।

विश्व हिंदू परिषद की अगुवाई में यह काम हो गया है। VHP प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया, जिस दिन मंदिर के पक्ष में कोर्ट का फैसला आएगा, हम मंदिर निर्माण शुरू कर देंगे। ज्यादातर काम हो चुका है, बाकी बचे काम को भी शीघ्र पूरा करना चाहते हैं।

ऐसी है प्रस्तावित मंदिर

    • पत्थर तराशी का 65 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। प्रस्तावित मंदिर में कुल एक लाख 75 हजार घन मीटर पत्थर प्रयुक्त होने हैं। इनमें से एक लाख 10 हजार न मीटर पत्थरों की तराशी पूरी हो गई है। बाकी बचा काम कितने दिन में पूरा होगा, यह कारीगरों और श्रमिकों की संख्या एवं अन्य संसाधनों पर निर्भर है।
    • प्रस्तावित मंदिर 265 फीट लंबा, 140 मीटर चौड़ा एवं 128 मीटर ऊंचा है और इसके लिए पत्थर तराशी का काम 1991 से ही जारी है।
  •  कार्यशाला के प्रभारी अन्नू भाई बताते हैं कि जरूरत पड़ी तो दो से तीन दर्जन कारीगरों और करीब 100 श्रमिकों के माध्यम से पत्थर तराशी का काम पूरा किया जा सकता है। एक ओर तराशे जा चुके पत्थरों के नियत स्थल पर मंदिर के रूप में आकार लेने में डेढ़-दो साल का समय लेंगे, दूसरी ओर इसी अवधि में बाकी बचे पत्थरों की तराशी का काम जरूरत के मुताबिक पूरा किया जाना संभव है।