दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 114 लोगों की मौत

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तिरुवनंतपुरम/अहमदाबाद: केरल और कर्नाटक में शनिवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही तथा भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन से 83 लोगों की मौत हो गई जबकि महाराष्ट्र में चार लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया एवं गुजरात में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 19 लोगों की जान चली गई। महाराष्ट्र में बाढ़ की वजह से अबतक 12 लोगों की मौत हो गई है। बाढ़ की सबसे अधिक मार झेलने वाले सांगली और कोल्हापुर जिलों में पानी घटने लगा है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि आठ अगस्त से राज्य में वर्षाजनित घटनाओं में 57 लोगों की जान चली गई जबकि आठ जिलों में 80 भूस्खलन हुए हैं। मलप्पुरम के कावलप्परा और वायनाड के मेप्पाडी केपुथुमला में बड़े भूस्खलनों के बाद कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। भारतीय मौसम विभाग ने वायनाड, कन्नौर और कसारगोड जिलों में वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वह अपने बाढ़ प्रभावित निर्वाचन क्षेत्र वायनाड 11 अगस्त को जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘ शायद केरल कल जाऊं। मैं वहां बचाव मिशन में कोई खलल नहीं पहुंचाना चाहता। यदि मैं वहां जाऊंगा तो मैं दो दिन रहूंगा। मैंने प्रधानमंत्री, (केरल के) मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और राज्य के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बात की है।’

सबसे प्रभावित जिलों में एक वायनाड में बाणासुरसागर बांध के चार द्वारों में एक को अतिरिक्त पानी को छोड़ने के लिए तीन बजे खोल दिया गया और काबिनी नदी के तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। दक्षिण रेलवे ने 23 ट्रेनें पूर्णरूपेण और पांच ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द कर दीं। कोच्चि हवाई अड्डे के एक अधिकारी के अनुसार उड़ान संचालन रविवार पूर्वाह्न को बहाल होगा जिसे हवाई अड्डे पर पानी भर जाने से रोक दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार केरल में 1,24,464 लोगों को 1111 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। बाढ़ और बारिश की सबसे अधिक मार वायनाड और कोझिकोड पर पड़ी है जहां क्रमश: 25,0028 और 24,990 लोगों को शिविरों में ठहराया गया। कर्नाटक में बाढ़ की स्थित और बिगड़ गई एवं वर्षा जनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 24 हो गई। मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इसे 45 सालों में सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा करार दिया है। राज्य सरकार ने 6000 करोड़ रुपए के नुकसान होने का अनुमान लगाया है। येदियुरप्पा ने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र से 3000 करोड़ रुपए की राहत मांगी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सक्लेश्पुर में मरानाहल्ली के समीप कई भूस्खलन हुए। दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी के उफान पर होने के कारण पूरा पाणे मंगलुरू गांव जलमग्न हो गया। महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित हिस्सों से चार लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सबसे अधिक प्रभावित कोल्हापुर और सांगली जिलों से 3.78 लाख लोग सुरक्षित बाहर निकाले गए हैं। वैसे अब वहां बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत नजर आने लगे क्योंकि जलमग्न विभिन्न क्षेत्रों से पानी घटने लगा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को सांगली में बचाव एवं राहत अभियानों की समीक्षा की और लोगों से बातचीत की। उन्होंने उन्हें सभी तरह के सहयोग का आश्वासन दिया।