MP में मूसलाधार बारिश से उफान पर नदी-नाले, मानसरोवर सहित कई बांधों के गेट खोले, अलर्ट जारी

Whatsapp

भोपाल: मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जिलों में हर तरफ पानी पानी दिखाई दे रहा है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है, आसपास का संपर्क भी टूट गया है। बारिश का सिलसिला यही थमने वाला नहीं हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी भारी बारिश की आशंका के चलते 39 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, बड़वानी, बुरहानपुर, अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, शाजापुर, देवास, सागर, आगर, दमोह, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।


कई जिलों में हुए हालात बेकाबू

  • बुधवार को मंदसौर में इसी तरह रेलवे अंडरपास में पानी घुस गया। वहीं मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात बीना में भी भारी बारिश से कुछ देर के लिए रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए।
  • मौसम विभाग की मानें तो मध्य प्रदेश में पिछले 36 घंटों के दौरान सिलवानी, पचमढ़ी और मुलताई में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यहां करीब 10 सेंटीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा सुवासरा, ब्यावरा, नीमच, उदयपुरा, कटंगी, गरोठ और बिछिया में भी 6 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
  • मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में होशंगाबाद में और तेज बारिश होने की चेतावनी दी है। हालांकि जिले में अब तक 728 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इस समय तक महज 423 मिलीमीटर ही बारिश दर्ज हुई थ

पंचमढ़ी में बाढ़ के हालात

  • हिल स्टेशन पचमढ़ी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जटाशंकर महादेव पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। वहीं बी फॉल झरना भी बाढ़ से घिर गया है। कई लोग रास्ते में ही फंस गए हैं। इस कारण पर्यटकों को वहां जाने से रोक दिया गया है। प्रशासन ने सभी ऐसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कर दिए हैं, जहां लगातार बारिश का पानी भर जाता है।
  • रीछन नदी के उफान पर आ जाने से दरगाह रपटा चढ़ गया है। वहीं भोपाल-रायसेन बायपास की एक पुलिया धसक जाने की वजह से पूरी तरह रायसेन का भोपाल से सड़क संपर्क टूटा हुआ है। इसके अलावा पगनेश्वर गांव में बेतवा नदी के उफान आ जाने की वजह से रायसेन का विदिशा से भी सड़क संपर्क टूट गया है।
  • मंडला, डिंडौरी में हुई जोरदार बारिश के कारण बरगी बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
  • बुरहानपुर जिले में चार इंच से ज्यादा बारिश होने से ताप्ती नदी खतरे के निशान से पांच फीट ऊपर पहुंच गई। इससे जैनाबाद का नया पुल और नेपानगर क्षेत्र में रहमानपुरा डैम के बैक वाटर पर बना नावरा का पुल डूब गया। 80 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया।
  • मंदसौर में गांधी सागर डैम का जल स्तर एक दिन में ही 6 फीट बढ़कर 1276 फीट हो गया। इसके अलावा नीमच में एक इंच, रतलाम में सवा इंच बारिश से ज्यादातर नदी-नाले उफन गए।
  • खरगोन जिले की मोहिनी नदी उफान पर है। यहां खरगोन-उमरखली रोड पर ओण्डल नदी में बाढ़ का पानी रपटे के ऊपर से गुजर रहा है, जिस कारण उमरखली सहित भगवानपुरा तहसील के कई गांवों का सम्पर्क टूट गया।
  • बिस्टान के पास घट्टी के नाले में बाढ़ से चित्तौड़गढ़ भुसावल राजमार्ग कुछ देर बंद रहा। खरगोन में अब तक सीजन में 15 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
  • उज्जैन में शिप्रा उफान पर होने से कई मंदिर जलमग्न।
  • वहीं भोपाल-रायसेन बायपास की एक पुलिया धसक जाने की वजह से पूरी तरह रायसेन का भोपाल से सड़क संपर्क टूटा हुआ है।

इंदौर में अति बारिश के आसार

मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर में अति वर्षा होने की संभावना जताई है। गुरुवार को हुई तेज बारिश के बाद शुक्रवार अल सुबह 4 बजे यशवंत सागर का जल स्तर बढ़ने से उसके तीन गेट खोल दिए गए। 19 फीट का लेवल बनाए रखने के लिए ये गेट खुले रहेंगे, लगातार बारिश की वजह से तालाब में पानी आने का सिलसिला जारी है। यशवंत सागर के प्रभारी रोहित रॉय के अनुसार गेट खोलने से पहले उज्जैन गंभीर बांध, डाउन स्ट्रीम के सभी गांव, हतोड़ व देपालपुर थाने एवं कंट्रोल रूम सूचना दी गई है।