76 भारतीयों और 41 पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर दिल्ली पहुंची समझौता एक्सप्रेस, भावुक हुए लोग

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चंडीगढ़: केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में धारा 370 निरस्त किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस की एक बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली में होगी। बैठक में केंद्र के फैसले से उपजे संकट और इस मुद्दे पर पार्टीजनों की अलग-अलग राय पर चर्चा करते हुए कांग्रेस इस मुद्दे् पर पार्टी लाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगी।

जम्मू कश्मीर में धारा-370 निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस की यह पहली आधिकारिक बैठक है। इस मुद्दे पर पार्टी में फिलहाल एक राय नहीं है और कई नेताओं ने केंद्र के फैसले का समर्थन करते हुए इसे लागू करने के तौर तरीकों पर सवाल उठाए हैं जबकि संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस ने इस पर केंद्र सरकार को घेरने का पैंतरा अपनाया था। पार्टी लाइन को दककिनार कर ज्योतिरादित्य सिंधिया, जनार्दन द्विवेदी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, मिलिंद देवड़ा व कुछ अन्य नेताओं ने केंद्र के फैसले का समर्थन किया था। अपने यूथ ब्रिगेड के रवैये से हैरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भविष्य में ऐसी हास्यास्पद स्थिति से निपटने के लिए शुक्रवार को यह बैठक बुलाई है। बैठक में पार्टी जनरल सैक्रेटरी, राज्यों के प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, विधायक दल के नेता सहित सभी सैल और विभागों के इंचार्जों को आमंत्रित किया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ और प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी इस बैठक में हिस्सा लेंगी।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि चूंकि बैठक में जम्मू-कश्मीर के मसले पर चर्चा होनी है। लिहाजा संभावना है कि कांग्रेस यहां अपनी पार्टी लाइन का कड़ाई से पालन करने की न सिर्फ हिदायत देगी बल्कि भविष्य में इस तरह की बयानबाजी से दूर रहने के लिए कहा जा सकता है। पार्टी जमीनी स्तर पर केंद्र के फैसले के खिलाफ अभियान चलाने की स्थिति में नहीं है। क्योंकि यह उसे महंगा पड़ेगा और विरोध भी सहना पड़ सकता है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यों के नेतृत्व को कुछ टिप्स दे सकते हैं।