मिलावटखोरों के खिलाफ फास्टट्रैक कोर्ट में चलेंगे केस, मिलेगी उम्र कैद की सजा

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इंदौर: मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। बीतें दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए कई फैक्ट्रियों को सील किया था। वहीं अब कमलनाथ सरकार फास्टट्रैक कोर्ट के सहारे मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।जिसके अंतर्गत मिलावटखोरों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बाद फास्टट्रैक कोर्ट में उनके मामले चलेंगे ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले। वहींं स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि अभी तक कई वर्षों तक मामले चलते रह जाते थे और मिलावट खोर बच जाते थे। वहीं, कमलनाथ सरकार ने इस दिशा में पहल करते हुए मिलावटखोरों को उम्रकैद देने का प्रावधान करने जा रही है।

मिलावट चीजों से लोगों के स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़
तुलसी सिलावट ने कहा कि दूध, मावा, पनीर और घी से बने उत्पादों में मिलावट कर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व की शिवराज चौहान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गोरखधंधा वर्षों से चल रहा था लेकिन बीजेपी शासनकाल में कोई कार्रवाई नहीं हुई। मिलावटखोरी के अब तक 1900 से ज्यादा नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
सिलावट ने कहा कि जांच में पारदर्शिता बरती जा रही है। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और निर्दोष को तकलीफ नहीं होगी। उन्होंने आज कृमि मुक्ति दिवस पर इंदौर के एक्सीलेंस स्कूल में बच्चों को दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की। इसी के साथ प्रदेश में 1 से 19 साल के 2 करोड़ 80 लाख बच्चों कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। इसमें इंदौर जिले में 11 लाख बच्चे भी शामिल हैं।