MP से जुड़ी है सुषमा स्वराज की अमिट यादें, बहन के रुप में याद रखेंगे प्रदेशवासी

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इंदौर: पूर्व विदेश मंत्री व भाजपा की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। वह बहुत ही मृदुभाषी थी। उनके निधन से राज्य में शोक की लहर है। मध्य प्रदेश से उनका खास नाता था। वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहीं। इसके साथ विदिशा से दो बार लोकसभा के लिए चुनी गईं। उनके जीवन की बहुत सी ऐसी बाते हैं जो मध्य प्रदेश के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी।

सुषमा स्वराज 2009 में पहली बार आई थी विदिशा
पहली बार विदिशा आई सुषमा स्वराज ने हमेशा मतदाताओं से भाई बहन का रिश्ता बनाया था। वे हर भाषणों में इसे दोहराती थी। वे क्षेत्र के लोगों से रक्षा का वचन भी मांगती थी। यही वजह रही कि वे इस क्षेत्र की निवासी नहीं होने के बावजूद लोगों के दिलो में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गई थी

शिवराज सिंह उन्हें बहन मानते थे
सुषमा स्वराज को अपनी मृदुभाषी स्‍वभाव के लिए जानी जाती थी। यही कारण था कि स्‍वराज को पूर्व मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी बहन की तरह सम्‍मान देते थे।

गीता को लाई थीं भारत
पाकिस्तान की एक सामाजिक संस्था में बचपन से रह रही मूक-बधिर गीता के माता-पिता के भारत में होने की जानकारी मिलने पर सुषमा स्वराज ने उसे मिलाने का वादा किया था। 26 अक्टूबर 2016 को गीता दिल्ली पहुंची। अगले दिन स्कीम नंबर 71 में स्थित एक मूक-बधिर संगठन को सौंपा गया

इंदौर में लिया था चुनाव न लड़ने का फैसला
सुषमा ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान इंदौर में किया था। वे 20 नवंबर 2018 को आई थीं और खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पत्रकारों से कहा था कि वे आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगी। वे अगला चुनाव नहीं लड़ने का पूरा मन बना चुकी हैं। किडनी प्रत्यारोपण के बाद डॉक्टर ने उन्हें धूल से दूर रहने की सलाह दी है।

सुषमा स्वराज का अंतिम मध्य प्रदेश दौरा
मंत्री रहते सुषमा स्वराज अंतिम बार विदिशा 21 फरवरी को ऑडिटोरियम के लोकार्पण समारोह में शामिल होने आई थीं। शारीरिक अस्वस्थता के बावजूद विदिशा आईं सुषमा ने अपने भाषण में कहा था कि वे अपना आखिरी वचन निभाने के लिए यहां आई हैं। इस दौरान पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पूरे समय उनके साथ थे।

ऑडिटोरियम के लोकार्पण कार्यक्रम में उन्होंने 19 मिनट का भाषण दिया था।
चुनाव के दौरान उन्होंने क्षेत्र के लोगों को 5 वचन दिए थे। जिसमें तीन जनता ने मांगे थे। वहीं दो अपने तरफ से दिए थे। जिसमें से बायपास रोड का निर्माण, मेमू ट्रेन की शुरुआत और रेल कारखाने का निर्माण पूरा हो गया है। वहीं मेडिकल कॉलेज और ऑडिटोरियम की सौगात मैंने अपनी ओर से दी है। इस दौरान सुषमा ने अपने 10 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को भी गिनाया था।