कुलभूषण जाधव को आज मिलेगा काउंसलर एक्सेस, लेकिन पाक ने रखी ये दो शर्तें

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नई दिल्लीः पाकिस्तान की कैद में बंद कुलभूषण जाधव को आज काउंसलर एक्सेस मुहैया कराने को तैयार है। लेकिन इस में भी पाकिस्तान अपनी खराब मंशा को आगे रखने से पीछे नहीं हटा। कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस देने के लिए भारत के सामने दो शर्ते रखी हैं।

पाकिस्‍तान की ओर से कहा गया है कि कुलभूषण जाधव को राजनयिक पहुंच तभी मुहैया कराई जाएगी जब काउंसलर एक्‍सेस के दौरान एक पाकिस्‍तानी अधिकारी वहां पर मौजूद रहेगा। जाहिर है उसकी कोशिश जाधव पर दबाव बनाने की होगी। उसकी दूसरी शर्त है कि जहां पर काउंसलर एक्‍सेस की प्रक्र‍िया की जाए, वहां पर सीसीटीवी कैमरा लगा हो।

भारत ने गुरुवार को पुष्टि की कि उसे इस संबंध में पाकिस्तानी प्रस्ताव मिला है और वह राजनयिक चैनलों के माध्यम से इस्लामाबाद के साथ संवाद करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने नई दिल्ली में मीडिया को बताया, “मैं तौर-तरीके के विस्तार में नहीं जा रहा हूं। हमें पाकिस्तान से एक प्रस्ताव मिला है और हम आईसीजे के फैसले को देखते हुए इसका मूल्यांकन कर रहे हैं। हम कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ संवाद बनाए रखेंगे।

पाकिस्तान विदेश कार्यालय के हवाले से कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले पर अमल करते हुए पाकिस्तान ने जाधव को ‘पाकिस्तानी कानूनों के अनुसार’ राजनयिक पहुंच देने पर सहमति व्यक्त की है। 18 जुलाई को पाकिस्तान ने कहा था कि उसने जाधव को आईसीजे के फैसले के अनुसार वियना संधि के तहत राजनयिक पहुंच देने केअधिकारों की जानकारी दी है।

वह ‘पाकिस्तानी कानूनों के अनुसार’ भारतीय नागरिक को राजनयिक पहुंच प्रदान करेगा। आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव की मौत की सजा पर रोक बरकरार रखने के साथ ही उसे राजनयिक पहुंच प्रदान करने का निर्देश दिया है। जुलाई के अपने फैसले में आईसीजे ने जाधव को कथित जासूसी व आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा मिली मौत की सजा में तो कोई बदलाव नहीं किया था, मगर अदालत ने पाकिस्तान से कहा था कि वह जाधव को उनके अधिकारों की तुरंत जानकारी दे। इसमें कहा गया था कि जाधव को वियना संधि के अनुच्छेद-36 के तहत सूचित करने के साथ राजनयिक पहुंच प्रदान की जाए।