मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू ने दी दस्तक, एक की मौत

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भोपाल: मध्यप्रदेश में हवा में नमी बढ़ने के साथ ही स्वाइन फ्लू ने भी दस्तक दे दी है। महज एक हफ्ते में ही स्वाइन फ्लू के 2 मरीज मिले हैं। इनमें एक राजधानी भोपाल से हैं जिसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है तो दूसरा विदिशा जिले से 22 साल का एक मरीज था। जिसकी तीन दिन पहले मौत हो गई। उसका भोपाल के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।

डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में नमी और ठंडक बढ़ने की वजह से स्वाइन फ्लू के मरीज मिल रहे हैं। इससे बचने के लिए सावधानी रखना बेहद जरूरी है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो स्वास्थ्य संचालनालय की तरफ से एक-दो दिन में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया जा सकता है।

वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. आईके चुघ ने बताया कि डेंगू और स्वाइन फ्लू से निपटने की पूरी तैयारी कर ली गई है। स्वाइन फ्लू की दवा भी अस्पताल में उपलब्ध है। जेपी अस्पताल में स्वाइन फ्लू का वार्ड तैयार है।

हमीदिया अस्पताल के छाती व सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेंद्र दवे ने कहा कि मौसम में नमी व ठंडक होने के साथ ही वायरस से होने वाली बीमारियां बढ़ जाती हैं। यही वजह है कि स्वाइन फ्लू के मरीज मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए भीड़ में जाने से बचें। खांसते व छींकते समय मुंह पर कपड़ा रखें।

सर्दी-जुकाम, तेज बुखार और सांस में तकलीफ हो तो इलाज कराने में देरी न करें। रात के समय ठंडी चीजे ना खाए पीयें। अगर बॉडी में सर्दी, जुकाम, तेज बुखार, कफ निकलना, सांस लेने में तकलीफ, सीने में भारीपन आदि हैं तो तुरंत चेकअप करवाएं। स्वाइन फ्लू छोटे बच्चों व बड़े बुजुर्गों को ज्यादा घेरता है।