सतना में राशन की मांग को लेकर नई बस्ती में प्रदर्शन के दौरान महिला हुई बेहोश

सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में मंगलवार को राशन की मांग करते हुए नईबस्ती के निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय हंगामाई हो गए जब प्रदर्शनकारियों में शामिल एक महिला रुपा चौधरी बहोश हो गई। जैसे-तैसे उसे होश में लाया गया। श्रमिक महिला नईबस्ती के वार्ड नंबर-15 की रहने वाली है। महिला के पति बृजवासी की अर्सा पहले मृत्यु हो चुकी है। घर में एक बेटा और बेटी है। दोनों नाबालिग हैं। परिवार का पेट पालने के लिए वो मजदूरी करती है। रोज का कमाना और और रोज का खाना है। लॉकडाउन के कारण काम नहीं था। घर की खाद्य सामग्री भी खत्म हो चुकी है। महिला के पास न तो राशन कार्ड है और न ही जनधन खाता है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंगलवार को सुबह तकरीबन साढ़े 11 बजे नईबस्ती में मेन रोड पर पानी की टंकी के पास लॉकडाउन तोड़कर एक के बाद एक बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एकत्र हो गए। इनमें बच्चे भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने सूखे राशन की मांग के समर्थन में नारेबाजी शुरु कर दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जिला प्रशासन की सेंट्रल किचन और सेवा संकल्प के माध्यम से जरुरत मंदों को दिए जाने वाले भोजन में नगर निगम का अमला मुंहदेखी कर रहा है। निगम का मैदानी अमला भोजन के पैकेट भाजपाइयों को पकड़ा देता है। भाजपाई इसी रोटी में वोट की सियासत सेंकते हैं। प्रदर्शन की खबर पर मौके पर पहुंचे कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने भी कमोबेश ऐसे ही आरोप लगाए हैं। विधायक का आरोप था कि प्रशासन सिर्फ जनसेवा के नाम पर वाहवाही लूट रहा है और इन्हीं वजहों से अंसतोष सड़क पर है।

इसी बीच नईबस्ती में लॉकडाउन तोड़कर भीड़ के सड़क पर आने की खबर मिलते ही कोलगवां टीआई मोहित सक्सेना और तहसीलदार मानवेन्द्र सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों को लॉकडाउन नहीं तोडऩे की समझाइश दी गई। बाद में सोशल डिस्टेसिंग के साथ मंगल भवन में सेंट्रल किचेन से भेजे गए भोजन का वितरण किया गया।

5 लाख की आबादी में 3 लाख से ज्यादा मजदूर हैं। जो रोज कमाते और रोज खाते हैं। लॉकडाउन के कारण  राशन और भोजन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ही असंतोष सड़क पर आया। हमारा गुनाह सिर्फ इतना है कि हमने स्थानीय प्रशासन को वस्तु स्थिति से अवगत कराने की कोशिश की थी। सिद्धार्थ वहीं स्थानीय विधायक कुशवाहा ने बताया कि सेंट्रल किचेन का भोजन सही ढंग से वितरित नहीं किए जाने की शिकायत मिली थी। प्रदर्शनकारी राशन के तौर पर सूखे अनाज की मांग कर रहे थे। हमने उन्हें आश्वस्त किया था कि वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा।

तहसीलदार मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि धारा-144 के उल्लंघन पर कांग्रेस विधायक  समेत 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लॉकडाउन के दौरान अकारण भीड़ इकट्ठी कर धारा-144 का उल्लंघन करने, आपदा प्रबंधन अधिनियम कानून की अवज्ञा करने और भारत शासन के दिशा निर्देशों का पालन नहीं करने पर मंगलवार की रात यहां के कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू समेत 8 नामजद एवं अन्य अज्ञात महिला- पुरुषों के खिलाफ कोलगवां थाने में अपराध दर्ज किया गया है। कोलगवां के टीआई मोहित सक्सेना ने बताया कि सभी आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की धारा- 188, 249, 240,37 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-51 (ख) के तहत एफआईआर लिखी गई है। अन्य नामजद आरोपियों में पूर्व पार्षद पप्पू साहू, सनद गुप्ता, नंदकुमार वर्मा, धु्रव कुमार तिवारी, राजकुमार, राजू उर्फ राजमणि और केएल सरल  के नाम शामिल हैं।