कोरोना को लेकर हम पहले ही सतर्क थे,तब उड़ाया गया था उपहास – एनपी प्रजापति

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति का प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर वक्तव्य 
राष्ट्र चंडिका (अमर नोरिया) नरसिंहपुर – कोरोना महामारी के देश में बढ़ते प्रकोप व हमारे मध्यप्रदेश में लगातार इससे संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफा होना हम सभी के लिये बेहद चिंता का विषय है।पहले प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर व अब भोपाल में बढ़ती मरीजों की संख्या ने पूरे प्रदेशवासियों को चिंतित व भयभीत कर दिया है।
इसका बेहतर बचाव यही है कि हम सभी इसकी भयावहता को समझ अपने-अपने घरों में ही रहे , लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करे , सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करे।
कोरोना कि इस भयावहता का अंदाजा हमें पूर्व से ही था।मैंने जब कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 16 मार्च को विधानसभा का बजट सत्र 26 मार्च तक के लिए स्थगित किया तो कुछ ज़िम्मेदार महानुभावों ने इसका जमकर उपहास उड़ाया। वह इसे कोरोना नहीं डरोना बताने में लग गये।आज स्थिति हम सभी के सामने हैं।जिस प्रकार से प्रदेश की राजधानी भोपाल में शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है , उसी से समझा जा सकता है कि मैंने उस समय विधायकों के साथ-साथ उनके संपर्क में आने वाले उनके हज़ारों समर्थक , उनके क्षेत्र की लाखों जनता , सेकडो शासकीय अधिकारियों – कर्मचारियों व उनसे जुड़े हज़ारों-लाखों आमजन , विधानसभा में कार्यरत व सुरक्षा में लगे बड़ी संख्या में अधिकारी – कर्मचारीगण व सुरक्षाकर्मी व मीडिया के साथी गणो की सुरक्षा को लेकर यह निर्णय लिया था शायद उस समय इसका विरोध करने वाले महानुभाब इस सच्चाई को समझ लेते और इस जनहितैषी निर्णय का सिर्फ़ राजनैतिक आधार पर विरोध नहीं करते तो शायद आज प्रदेश को
इस स्थिति से बचाया जा सकता था।
जिस समय हमें ज़िम्मेदार होने के नाते कोरोना से बचाव व सावधानी का संदेश प्रदेशवासियो को देना था , उस समय कुछ लोग इस चुनौती को स्वीकार करने की बजाय इसे डोरोना बताकर इसका उपहास उड़ाते रहे , इससे जनता में भी इससे बचाव व सावधानी को लेकर ग़लत संदेश प्रसारित हुआ।
शायद प्रदेश की आज की वर्तमान स्थिति के पीछे यही वास्तविक कारण  है ।