दीया-मोमबत्ती जलाने की अपील के पीछे क्या है विज्ञान?

3 अप्रैल, शुक्रवार को सुबह भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारतवासियों से अपील करी है की वे 5  अप्रैल यानि की आज रात 9 बजे 9 मिनट के लिए अपने घर की सभी लाइटें बंद कर दें। फिर सोशल डिस्टेस्टिंग का ध्यान रखते हुए अपने घर के बाहर, खिड़की या फिर बालकनी में खड़े होकर दीया, मोमबत्ती या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं। उनका मानना है की संकट की इस घड़ी में एकजुटता दिखान की अवश्यकता है। क्या आपने सोचा है इसके पीछे क्या कारण हो सकता है ?

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 9 बजे और 9 मिनट को चूस करने की पीछे मंगल का दोगुना इंपैक्ट है। वैदिक ज्योतिष में, मांगलिक दोष को ‘कुजा दोष’ या केवल ‘मांगलिक योग’ के रूप में भी जाना जाता है। इस योग के साथ अधिकतर नकारात्मक बातें जुड़ी हुई हैं। मांगलिक दोष को विवाहित जीवन में समस्याएं पैदा करने, खराब स्वास्थ्य, अक्सर झगड़े और जीवनसाथी से अलगाव के लिए जाना जाता है। इस योग का निर्माण जन्मपत्री में मंगल ग्रह की विशेष स्थिति के फलस्वरूप निर्मित होता है।

इसके अतिरिक्त ग्रहों को सेनापति मंगल को साहस, पराक्रम, एकजुटता और एकाग्रता का प्रतीक भी माना जाता है। ये मानव शरीर में विल पावर और इम्यूनिटी को बढ़ाता है। इससे कठिन से कठिन परिस्थितियों का डट कर सामना किया जा सकता है।

आज बन रहे ग्रहों के शुभ योग की बात करें तो चंद्रमा सिंह राशि में रहने वाले हैं। सिंह सूर्य के प्रतीक हैं और उनका सीधा संबंध रोशनी और ताकत से है।

भारतीय संस्कृति में प्राय: सभी धर्मों में दीपक का शुभ प्रतीक के रूप में मांगलिक कार्यों में उपयोग किया जाता है। छांदोग्योपनिषद् में कहा गया है एक ज्योति है जो पृथ्वी की समस्त वस्तुओं से परे, भूलोक से परे, हर लोक में जगमगा रही है और यही वह दिव्य ज्योति है जो हमारे हृदय में विराजती है। इस प्रकार दीपक की ज्योति में परम पिता परमेश्वर की ज्योति की अनुभूति होती है।वास्तु के अनुसार दीपक जलाने के साथ-साथ मंत्रों का उच्चारण करने से अपने आस-पास फैली नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित कर समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

ज्योतिष के अनुसार किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम रोशनी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करने से राहु को बल मिलेगा। अत: हर भारतवासी को इस ग्रह की अशुभता से बचना चाहिए।

अंक ज्योतिष के अनुसार इस वायरस के संक्रमण का सबसे बड़ा कारण राहु है। जो वर्तमान समय में बुध राशि में है। राहु का अंक 4 है और बुध का 5। आज 5 अप्रैल और चौथा महीना है। जो  बुध और राहु दोनों के अंक का संयोजन है। 2020 को भी बीच में जोड़ लिया जाए तो इसका जोड़ भी 4 होता है। अत ये बहुत ही मंगलमय योग है।