केंद्र ने दिए निर्देश, स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों के साथ राज्य सख्ती से आएं पेश

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों से स्वास्थ्यकर्मियों और कोरोना वायरस से निपटने के काम में जुटे कर्मियों पर हमला करने वालों के साथ सख्ती से पेश आने को कहा है। राज्यों को भेजे गए पत्र में केंद्र ने सुरक्षा और चिकित्सकीय बंधुत्व को बनाए रखने को कहा है। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ और कर्मचारियों की सुरक्षा से संबंधित घटनाओं का उल्लेख करते हुए गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा, ‘सभी राज्यों को हमलों में जो भी शामिल रहे हैं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है। राज्यों को वीडियो कांफ्रेंसिंग में इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेने और त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।’

उल्‍लेखनीय है कि बीते दिनों राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में तब्लीगी जमात का एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था जिसमें देश विदेश से लोगों ने भाग लिया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने अपनी रोजाना प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पिछले दो दिनों में 14 राज्यों में तब्लीगी जमात के जमावड़े से जुड़े 647 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना से 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से कुछ तब्लीगी जमात के जमावड़े से जुड़े हैं। इन घटनाओं को देखते हुए विभिन्‍न राज्‍यों में काफी सतर्कता बरती जा रही है।

विभिन्‍न राज्‍यों में तब्‍लीगियों की धरपकड़ हो रही है लेकिन भीड़ इस काम में बाधा बन रही है। देशभर में कई जगहों पर पुलिस पर पथराव करने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। मध्य प्रदेश और बिहार समेत कुछ राज्यों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों पर हमले की खबरें सामने आई हैं। बिहार के मुंगेर और मध्य प्रदेश के इंदौर में मेडिकल टीम पर पथराव हुए हैं। स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए ही केंद्र से सख्‍त रुख अख्तियार किया है। कल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पर्यटक वीजा पर तब्लीगी गतिविधियों में लिप्‍त पाए जाने के कारण 960 विदेशियों को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इन सभी का भारतीय वीजा भी रद किया जा चुका है।