तबलीगी जमात ने उत्तराखंड में भी बढ़ाया कोरोना संक्रमण, अब तक 16 संक्रमित

देहरादून: उत्तराखंड में शुक्रवार को छह और जमातियों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि होने से प्रदेश में इस घातक विषाणु से पीडितों का आंकडा 16 तक पहुंच गया जबकि चोरी छिपे प्रदेश में आ रहे जमातियों पर पुलिस की सतर्क निगाह के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चेतावनी दी कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि आज प्रदेश में कोरोना संक्रमण के छह नए मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें से पांच देहरादून और एक उधमसिंह नगर का है।

उन्होंने बताया कि ताजा सभी मामले जमातियों के हैं जो हाल में बाहर से प्रदेश में आए हैं। छह नए मामले सामने आने के बाद प्रदेश में इस बीमारी से पीडितों की संख्या 16 हो गई है जबकि दो मरीजों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। प्रदेश भर में तबलीगी जमात से जुडे 296 लोगों को पृथक रखा गया है जबकि अन्य जमातियों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। पुलिस ने कल उत्तर प्रदेश के रामपुर से चोरी छिपे प्रदेश के रूद्रपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे 13 जमातियों को पकड़ा था जिनमें से तीन जमाती कोरोना पॉजिटिव निकले थे। पुलिस का मानना है कि ये जमाती भारी संक्रमण फैला सकते थे। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, अशोक कुमार ने बताया कि इन जमातियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में शामिल सभी 11 सदस्यों को बीस—बीस हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।

कुमार ने कहा,‘तीनों जमाती उत्तराखंड में कोरोना का भारी संक्रमण फैला सकते थे जिसे पुलिस की मुस्तैदी से समय रहते रोक लिया गया।’ इन तीनों जमातियों को आइसोलेशन में भर्ती करा दिया गया है जहां इनका इलाज किया जा रहा है । इसके अलावा, अन्य जमातियों को पृथक रखा गया है।

इस बीच, मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कोरोना वायरस को रोकने में प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने वालों पर आपदा प्रबंधन कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पृथक रखे गए लोग अगर छिपते हैं या कोई उन्हें छिपाता हैं तो दोनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को सख्त हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,’ ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्हें सख्त हिदायत दी जाती है कि सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर उनसे चार गुना वसूली की जाएगी।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग कोरोना वायरस से लङाई में जुटे हैं और कुछ लोगों को उनकी तपस्या बेकार करने नहीं दी जाएगी। उधर, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूडी ने कहा कि उत्तराखंड में पडोसी राज्यों से लगने वाली सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है और पुलिस गश्त बढा दी गई है। रतूडी ने कहा कि भारत नेपाल सीमा खासकर पिथौरागढ जिले के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। इस बीच, उत्तरकाशी जिले में शुक्रवार को एक घर में इकट्ठे होकर नमाज पढ़ने के मामले में पुलिस ने 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। उत्तरकाशी पुलिस कोतवाली प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि वरूणावत पर्वत की तलहटी में इंद्रा कॉलोनी में कश्मीरा नाम के व्यक्ति के घर पर तीन बच्चों समेत 13 व्यक्ति इकटठा होकर नमाज पढ़ रहे थे।

सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस ने छापा मारा और 10 लोगों के विरुद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस बीच, मुख्यमंत्री रावत के निर्देश पर कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) मद से 85 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं । यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, हर जिले को 5-5 करोड़ रुपए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों के लिए जबकि 20 करोड़ रुपए चिकित्सा शिक्षा विभाग को कोरोना अधिसूचित अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था के लिए दिए गए हैं।