COVID-19 : धनबाद में 15,400 बाहर से आए लोगों को होम क्वारंटाइन, एक वृद्ध का सैंपल जांच को भेजा गया रांची

नबाद। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग में मास लेबल पर तैयारी शुरू की है। धनबाद में सोमवार शाम तक 15,400 लोग बाहर से अपने घरों में आए हैं। अब इन तमाम लोगों को घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। इसमें सिविल सर्जन डॉ. गोपाल दास ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किया है।

उन्होंने कहा है कि अपने-अपने प्रखंडों में आए हुए बाहर से लोगों की निगरानी करें, यदि कोई करोना जैसे लक्षण से ग्रसित है तो उनकी जांच कराने की व्यवस्था करें। ऐसे लोगों को आइसोलेशन वार्ड में लाया जा सकता है। वहीं, सोमवार को हीरापुर में एक वृद्ध व्यक्ति के निधन के बाद उसका सैंपल रांची जांच के लिए भेजा गया है।

विदेश से आए हुए लोगों की निगरानी में परेशानी : स्वास्थ्य विभाग को सबसे ज्यादा परेशानी विदेश से आए हुए लोगों को लेकर है। लगभग 230 जिले से आए हुए ऐसे लोग हैं जिन पर लगातार नजर रखी जा रही है। कई लोगों की सही जानकारी विभाग को उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कुछ लोगों का नंबर नहीं है। उस पते पर जाने के बाद ऐसी मरीज की जानकारी विभाग को नहीं मिली है। ऐसे लोगों की जानकारी अब पुलिस से ली जाएगी।

पीएमसीएच में 391 जांच : सोमवार को पीएमसीएच में 391 संदिग्ध लोगों की जांच की गुई। डॉ. यूके ओझा के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने जांच की। यहां आने वाले लोगों को इंफ्रारेड थर्मामीटर से जांच की गई। इसके बाद सभी को घर भेज दिया गया। साथ ही सभी को सलाह दी गई कि वे 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहें।

मशीन इंस्टॉल अब होगी जांच : कोरोना वायरस की जांच के लिए पीएमसीएच में मशीन आ गई है। इसका इंस्टॉल का काम चल रहा है। प्रबंधन की मानें तो एक-दो दिन में सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। फिलहाल संदिग्ध लोगों की जांच को सैंपल रिम्स भेजा जा रहा है। पीएमसीएच में शुरू होने से यहां के लोगों को राहत मिलेगी।

लोगों से अपील है कि अपने-अपने घरों से नहीं निकले व लॉकडाउन का पालन करें। वैसे लोगों से भी अपील है जो दूसरे देश या राज्य से धनबाद आ रहे हैं। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उन्हें आकर पीएमसीएच में स्क्रीनिंग करानी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता है तो उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान ना दें, जो भी सूचना देनी हो या जानकारी लेनी हो, विभाग से संपर्क करें। -डॉ. गोपाल दास, सिविल सर्जन, धनबाद