Curfew in Ranchi: रांची में कोरोना विस्‍फोट, हिंदपीढ़ी में कर्फ्यू; पुलिस ने कब्‍जे में लिया पूरा इलाका

Whatsapp

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में कोरोना मरीज मिलने के बाद पूरे राज्‍य में खलबली मच गई है। शासन-प्रशासन से लेकर आम आदमी तक इस सूचना से हलकान हो गया है। हर कोई कोरोना वायरस की महामारी को लेकर दहशत में आ गया है। खौफ का आलम यह है कि दिन में मामूली हलचल के बाद शाम होते ही हर जगह सन्‍नाटा पसर गया। इस बीच पुलिस ने रांची के हिंदपीढ़ी इलाके को सील कर दिया है। अभी रांची के हिंदपीढ़ी में प्रशासन की ओर से कर्फ्यू लगाया गया है।

पूरा हिंदपीढ़ी सील, पुलिस छावनी बना पूरा इलाका

कोरोनो पॉजिटिव केस सामने आते ही पूरा हिंदपीढ़ी सील कर दिया गया है। हिंदपीढ़ी प्रवेश करने वाली सभी मार्गों को बैरिकेड कर दिया गया है। बैरिकेडिंग कर वहां आने वालों को रोका जा रहा, जो हिंदपीढ़ी के हैं उन्हें अंतिम बार घर लौटने की छूट दी गई है। मेन रोड से प्रवेश होने वाली सेंट्रल स्ट्रीट, मल्लाह टोली रोड और लेक रोड से जुड़ी सभी सड़कों पर प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके बाद हिंदपीढ़ी नाला रोड स्थित जिस घर में मलेशियन महिलाएं रुकी थी, वहां सील कर दिया गया है। उस घर और पड़ोस के लोगों को क्वारंटाइन के लिए रिम्स भेज दिया है। रिम्स में सभी की स्क्रीनिंग होगी।

इसके अलावा डीसी राय महिमापत रे और एसएसपी अनीश गुप्ता ने कहा है पूरा हिंदपीढ़ी अब कोरोना संक्रमण के लिए संवेदनशील जोन बन चुका है। वहां डोर टू डोर कोरोना की स्क्रीनिंग जांच की जाएगी। ताकि संक्रमित लोगों का पता चल पाए और उन्हें आइसोलेटेड किया जाए। इसके बाद पूरे हिंदपीढ़ी इलाके का प्रशासन ने सैनिटाइज कराया। हर तरफ सैनिटाइजर और ब्लीचिंग के छिड़काव कराए गए। हालांकि कोरोना पॉजिटिव का केस सामने आते ही पूरे हिंदपीढ़ी में सन्नाटा पसर गया। लोग घरों में कैद हो गए। कई घरों में दहशत का माहौल हो गया है।

मलेशियन महिला के रुकने वाले घरों को किया जा रहा चिह्नित

जिन-जिन घरों में मलेशियन रुके थे, वैसे घरों को पुलिस-प्रशासन की टीम चिह्नित कर रही है। ताकि वहां के लोगों का पुलिस-प्रशासन कोरोना वायरस से संबंधित जांच करा सके। बताया जा रहा है कि मलेशियन लोग जमात की शक्ल में मक्का मस्जिद, मदीना मस्जिद और बड़ी मस्जिद इलाके में रह चुके हैं। उन्हीं इलाकों में उनकी गतिविधि रही है।

नाला रोड व भट्ठी चौक का इलाका पुलिस छावनी में बदला 

हिंदपीढ़ी नाला रोड और भट्ठी चौक का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं, ताकि अनावश्यक लोगों को प्रवेश पर रोका जा सके। साथ ही आसपास के लोगों को आइसोलेशन के लिए भेजा जा सके। मौके पर हिंदपीढ़ी, कोतवाली, लोअर बाजार, अरगोड़ा थाने की पुलिस पहुंची। कोतवाली डीएसपी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कराया। बाद में एसएसपी अनीश गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने की आपात बैठक, लॉक डाउन पर कड़ा पहरा

रांची में कोरोना वायरस से संक्रमित एक महिला की पहचान हुई है। प्रशासन पूरा एहतियात बरते। झारखण्ड वासी भी प्रशासन का सहयोग करें। झारखण्ड के लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। लोग घर में रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे। लॉक डाउन का पालन सुनिश्चित होना चाहिए। ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। मुख्यमंत्री मंत्रालय में वरीय अधिकारियों को लॉक डाउन के संदर्भ में निदेश दे रहे थे।

जांच की संख्या में तेजी लाएं, क्वारंटाइन सेंटर की सुरक्षा बढ़ाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना को लेकर हो रही जांच में तेजी लाएं। अधिक से अधिक लोगों का जांच हो। यह सुनिश्चित करें। मास्क, पीपीटी किट, वेंटीलेटर, वीटीएम किट, आईसीयू बेड तैयार रखें। बाहर से आ रहे लोगों की निगरानी होनी चाहिए। होम क्वारंटाइन की लगातार समीक्षा करें। खेलगांव सहित अन्य स्थानों के क्वारंटाइन सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करें। ऐसा ना हो की अवधि पूर्ण होने से पूर्व कोई सेंटर से चला जाए।

बाहर से आये मजदूरों की पहचान करें, छुटे हुए जिलों को भी राशन दें

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के बाद झारखण्ड आये मजदूरों की पहचान करें। ताकि उन्हें लाभान्वित करने का कार्य किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जनवितरण प्रणाली की दुकान के माध्यम से दो माह का राशन यथाशीघ्र उपलब्ध कराएं। जिन जिलों को राशन का आवंटन नहीं हुआ है। वहां राशन पहुंचाने का कार्य सुनिश्चित करें।

दो माह का पेंशन दें, किसानों को खेतों में काम करने दें

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान पेंशनधारियों को राहत दें। उन्हें मार्च एवं अप्रैल 2020 का पेंशन एक साथ उपलब्ध कराएं। ताकि उन्हें आर्थिक मदद मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से शिकायत आ रही है कि किसानों को उनके खेत में काम करने नहीं दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। खेतों में किसानों को काम करने दें, अन्यथा उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। इस बात का ध्यान रखना है कि काम के दौरान किसान उचित दूरी बना कर रहें।