‘कोरोना’ पीड़िता के शव को छूने से कतराते रहे लोग, एंबुलैंस में ले जाकर आधी रात को जलाया

पटियाला: लुधियाना से राजिंद्रा अस्पताल में भर्ती हुई पूजा जिसकी कोरोना से मौत हो गई थी, का शव अस्पताल के अंदर ही दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक पड़ा रहा। इसे कोरोना वायरस की दहशत कहें या स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही? इसने इंसानियत को तार-तार कर दिया है। अब तो इस बीमारी से पीड़ितों का पार्थिव शरीर भी ले जाने के लिए कोई एंबुलेंस तैयार नहीं है।

राजिंद्रा अस्पताल में कोरोना से पीड़ित पूजा निवासी लुधियाना का पार्थिव शरीर कोई भी एंबुलेंस चालक लेकर जाने को तैयार नहीं हुआ। आखिर अस्पताल प्रशासन ने आधी रात के समय श्मशान घाट की गाड़ी लुधियाना भेजी। जानकारी के मुताबिक उक्त महिला की मौत गत दोपहर 2 बजे हो गई थी। पहले इसे स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया। फिर जब सभी एंबूलैंस वालों ने हाथ खड़े कर दिए तो अस्पताल प्रशासन ने स्थानीय श्मशान घाट की मैनेजमेंट से संपर्क किया तो उन्होंने अपना रोना शुरू कर दिया। उसके द्वारा देर रात 1.30 बजे पूजा का पार्थिव शरीर को लेकर उसके दोनों बेटे, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी लुधियाना श्मशान घाट पहुंचे। वहां रात में ही अंतिम संस्कार किया गया।