कर्तव्य पथ पर पहली बार मार्च पास्ट करेगी मिस्र सेना की टुकड़ी, परेड में दिखेगा बहुत कुछ नया

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इस बार देश 74वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल सिसी मुख्य अतिथि होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ से गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्र का नेतृत्व करेंगी। साथ ही परेड की सलामी लेंगी। द्रौपदी मुर्मू के लिए बतौर राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्र का नेतृत्व करने का यह पहला अवसर होगा। सप्ताहभर चलने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत 23 जनवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के साथ हो गई थी। इस समारोह का समापन 30 जनवरी को होगा, जिसे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गणतंत्र दिवस परेड लगभग साढ़े दस बजे शुरू होगी। इसमें आत्मनिर्भर भारत, नारी शक्ति और न्यू इंडिया की झलक देखने को मिलेगी। इसमें सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया जाएगा। समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाने के साथ होगी। पीएम मोदी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद प्रधान मंत्री और अन्य गणमान्य लोग परेड देखने के लिए कर्तव्य पथ स्थित सलामी मंच पर जाएंगे।

इस बार गणतंत्र दिवस पर मिस्र की सेना भी परेड करती नजर आएगी। मिस्र की सेना की एक टुकड़ी पिछले दिन ही नई दिल्ली पहुंची है। मिस्र की सेना दिल्ली में परेड की रिहर्सल कर रही है। सेना की टुकड़ी के कमांडर कर्नल महमूद मोहम्मद अब्देलफत्ताह एल्खारासावी ने बताया कि यह पहली बार है जब हमने भारत का दौरा किया, यह एक महान देश है क्योंकि इसमें मिस्र जैसी महान सभ्यता है। हम यहां 4 दिनों के लिए हैं और भारतीय सेना में अपने दोस्तों के साथ अभ्यास किया है। उन्होंने कहा कि भारत और मिस्र के बीच हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं। मुझे आशा है कि वे भविष्य में इस संबंध को और बढ़ाएंगे। हमें यह भी उम्मीद है कि भारत से हर कोई मिस्र का दौरा करेगा।

भारत की ताकत का दिखेगा नजारा
परेड में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व 61 घुससवार सेना की टुकड़ी, 9 मशीनी स्तंभ, छह मार्चिंग टुकड़ियां और फ्लाइपास्ट करने वाले आर्मी एविएशन कॉर्प्स के एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) की ओर से किया जाएगा। इनमें मुख्य जंगी टैंक अर्जुन, नाग मिसाइल सिस्टम (NAMIS), BMP-2 SARATH इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल, K-9 वज्र-ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर गन, ब्रह्मोस मिसाइल, 10 मीटर शॉर्ट स्पैन ब्रिज, मोबाइल माइक्रोवेव नोड और मशीनी स्तंभ में मोबाइल नेटवर्क सेंटर और आकाश (नई पीढ़ी के इक्विपमेंट) मुख्य आकर्षण होंगे। वहीं, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट, पंजाब रेजिमेंट, मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट, डोगरा रेजिमेंट, बिहार रेजिमेंट और गोरखा ब्रिगेड समेत सेना की कुल छह टुकड़ियां सलामी मंच से आगे बढ़ेंगी।

कर्तव्य पथ पर दिखेंगे अग्निवीर
मार्चिंग टुकड़ी में पहली बार तीन महिलाएं और छह अग्निवीर भी शामिल होंगे। इसके बाद नौसेना की झांकी रहेगी। यह भारतीय नौसेना की बहु-आयामी क्षमताओं, नारी शक्ति और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की झलक प्रदर्शित करेगी। ध्रुव हेलीकॉप्टर के साथ नए स्वदेशी नीलगिरी वर्ग के जहाज का एक मॉडल पेश किया जाएगा, जिसमें समुद्री कमांडो तैनात दिखेंगे। इसके किनारों पर स्वदेशी कलवारी श्रेणी की पनडुब्बियों के मॉडल दिखाए जाएंगे।