1000 स्कूली बच्चों के जूतों के लिए विधायक ने दिया एक माह का वेतन, कम्प्यूटर और प्रिंटर के लिए मिलेगा 5 लाख

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक और आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की घोषणा विधायक शैलेष पांडेय ने की है। सरकंडा के पंडित रामदुलारे बॉयज स्कूल के कार्यक्रम में उन्होंने स्टूडेंट्स के जूतों की खरीदी के लिए एक माह का वेतन दिया। इसके साथ ही स्कूल में कम्प्यूटर और प्रिंटर के लिए विधायक निधि से पांच लाख रुपए देने की भी घोषणा की।स्कूल में रस्सा खींच खेलते विधायक शैलेष पांडेय।विधायक शैलेश पांडेय स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक एवं कौशल विकास प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान छात्र-छात्राओं की मांग पर उन्होंने पंडित राम दुलारे दुबे शासकीय बालक शाला को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल बनाने की घोषणा की। विधायक पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेश के हर गरीब बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़े, इसके लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने स्कूल में कंप्यूटर, प्रिंटर एवं अन्य सामग्री अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के लिए 5 लाख की राशि देने की घोषणा भी की।कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को पुरस्कृति किया गया।स्कूल परिसर से हटेगा अवैध कब्जा, निर्माण के लिए पैसों की कमी नहींस्कूल की प्राचार्य रीता तिवारी की मांग पर विधायक शैलेश पांडेय ने कहा है कि स्कूल परिसर में बेजा कब्जा हटाने, साइकिल स्टैंड बनाने एवं अन्य कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते के माध्यम से अवैध कब्जा को हटाने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी। इस अवसर पर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विनोद साहू, स्कूल समिति की सीमा शुक्ला, आशा सिंह, प्राचार्य निशा तिवारी, राजू शर्मा रीता मजूमदार, भारत जुरयानी ,अर्चना दुबे, प्रीति गंधर्व, पूर्णिमा मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।विधायक ने बांटे पुरस्कारसांस्कृतिक एवं पाठकोत्तर कौशल विकास प्रतियोगिता के अंतर्गत स्कूल में आयोजित खेल प्रतियोगिता में कई बच्चों ने भाग लिया, जिसमें रस्सी दौड़, जलेबी दौड़ ,बोरा दौड और चम्मच दौड़ समेत कई प्रतियोगिताएं हुई। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को विधायक शैलेष पांडेय ने सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र दिए। अलग-अलग वर्ग में हुए प्रतियोगिता के विजेता बच्चों के साथ ही प्रतिभावान बच्चों को उन्होंने पुरस्कृति किया।