इंडियन मिलिट्री को छोड़कर संगीत को अपनाया

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चित्तौड़गढ़: पंडित सलिल भट्ट।चित्तौड़गढ़ के भदेसर में सात्विक वीणा के रचयिता पंडित सलिल भट्ट (जयपुर) ने शुक्रवार को ऐसा तान छेड़ा कि बच्चे और क्षेत्रवासी मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे। स्पीक मैके की ओर से स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में तबला पर संगत कर रहे हिमांशु महंत (जयपुर) के साथ पंडित सलिल भट्ट ने राग भैरव पर राजस्थानी गानों पर सात्विक वीणा बजाकर प्रस्तुति दी।विश्व वीणा एवं मोहन वीणा के रचयिता, ग्रैमी अवार्ड विजेता पद्म भूषण विश्व मोहन भट्ट के बेटे सलिल भट्ट चित्तौड़गढ़ के भदेसर पहुंचे। उन्होंने अपनी प्रस्तुति देने के बाद बच्चों को अलग-अलग तरह के रागों के बारे में समझाया। उन्होंने वीणा के तार कैसे काम करते हैं और तबला संगत का वीणा के साथ क्या असर रहता है, इसके बारे में समझाया।पंडित सलिल भट्ट ने बताया कि उनकी 25 पीढ़ियां संगीत साधना, कला, संस्कृति के क्षेत्र में काम करते हुए आए। उनके पूर्वज पंडित दादा गंगाधर भट्ट ने ही शिवाजी को छत्रपति घोषित कर उनका राज्याभिषेक किया था। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज इसके बाद राजस्थान में शिफ्ट हो गए थे। उनका जन्म भी जयपुर में हुआ। उनके गुरु और पिता पंडित विश्व मोहन भट्ट से प्रेरित होकर वह म्यूजिक से जुड़े।बेटे का जन्म महाशिवरात्रि पर हुआ तो वीणा का नाम रखा सात्विकउन्होंने कहा कि बचपन से ही वह वीणा बजाते आए हैं। सात्विक का अर्थ है शिव। उनके बेटे का जन्म महाशिवरात्रि के दिन हुआ था, जिसके बाद उन्होंने अपने वीणा का नाम सात्विक वीणा रखा। देश के प्रथम संगीतज्ञ है जिन्हें कैनेडियन ग्रैमी अवार्ड का नॉमिनेशन प्राप्त हुआ। जर्मनी के पार्लियामेंट में 2005 में सात्विक वीणा वादन करना, आइसलैंड जैसे देश में वहां के सांसद और तत्कालीन भारतीय राष्ट्रपति के लिए वीणा वादन करना, ताइवान में आर्टिस्ट रेसिडेंसी करना, इन सबमें पंडित सलिल भट्ट पहले भारतीय थे। उन्होंने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के लिए और अंतरराष्ट्रीय सार्क सम्मेलन में भी वीणा वादन किया।इंडिया के साथ-साथ विदेशों में भी दे चुके प्रस्तुतिपिछले सालों ने सर्वोत्तम संगीत सम्मान ग्रैमी अवार्ड के लिए प्री नॉमिनेशन मिला। पिछले 25 सालों में उन्होंने भारत के पांच सौ से भी ज्यादा बड़े और छोटे शहरों के अलावा कनाडा, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान, स्पेन, ग्रेट ब्रिटेन, आइसलैंड, स्विजरलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स, सऊदी अरब, ओमान, कुवेत और सिंगापुर जैसे देशों में भी सात्विक वीणा वादन कर चुके हैं। उन्हें देश और विदेश में कई अवार्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है।इंडियन मिलिट्री एकेडमी में हुआ था चयन, म्यूजिक को दी प्राथमिकतापंडित सलिल भट्ट ने बताया कि जयपुर से ही एमबीए कर चुके हैं। इसके अलावा उनका पहले ही चरण में इंडियन मिलिट्री अकैडमी में 31 साल पहले चयन हो चुका था। लेकिन उनका इंटरेस्ट हमेशा से म्यूजिक की तरफ रहा। इसीलिए उन्होंने सब कुछ छोड़ कर म्यूजिक को ही अपनाया।