तीस साल तक नगर निगम की जमीन का उपयोग करने के लिए बिल्डर के खिलाफ भेजा सात करोड़ का रिकवरी नोटिस

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फरीदाबाद: एक सप्ताह में दिया समय, इसके बाद की जाएगी कानूनी कार्रवाई, पिछले दिनों निगम ने सील कर दिया था चार्मवुड विलेज सोसाइटी का मेन गेट।सूरजकुंड रोड दिल्ली सीमा के पास बसी चार्मवुड विलेज सोसाइटी के बिल्डर के खिलाफ नगर निगम अब बड़े एक्शन की तैयारी में है। नगर निगम प्रशासन ने सोसाइटी के बिल्डर ईरोज ग्रुप पर नगर निगम की जमीन का तीस साल तक का उपयोग करने के एवज में करीब सात करोड़ रुपए का रिकवरी नोटिस भेजा है। निगम ने बिल्डर को इसका जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इसके आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि बिल्डर के कारण ही सोसाइटी के लोगों को एक सप्ताह तक अपने फ्लैटों में कैद होना पड़ गया था। क्याेंकि सीएम विंडो की शिकायत पर नगर निगम ने सोसाइटी के मेन गेट को सील कर दिया था। इस मामले में नगर निगम की खूब किरकिरी हुई। रेजीडेंट्स ने इसके लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर ली। इसके बाद निगम प्रशासन हरकत में आया और आनन फानन में विधायक सीमा त्रिखा के हस्तक्षेप के बाद गेट खोल दिया गया।सोसाइटी में रहती है 15 हजार की आबादीचार्मवुड विलेज सोसाइटी शहर की सबसे पॉश इलाका माना जाता है। यहां 70 लाख से लेकर साढ़े तीन करोड़ रुपए तक के फ्लैट हैं। कुल आठ आरडब्ल्यूए मिलाकर करीब 35 सौ फ्लैट हैं। इनमें करीब 15 हजार की आबादी रहती है। इस सोसाइटी को ईरोज ग्रुप नामक बिल्डर ने विकसित किया है। सोसाइटी 1982 में बननी शुरू हुई थी। 1990-91 में बहुमंजिली सोसाइटी बननी शुरू हुई। वर्ष 2008-09 तक बनकर तैयारी हो गई।एक हजार वर्ग गज जमीन कब्जा करने का आरोपनगर निगम एनआईटी जोन के ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. गौरव अंतिल का कहना है कि ईरोज ग्रुप बिल्डर ने सरकार से लाईसेंस लेकर सोसाइटी का निर्माण किया है। लेकिन सामने की नगर निगम की करीब एक हजार वर्ग गज पर पिछले तीस साल से कब्जा कर उसे रास्ता के रुप में उपयाेग कर रहा है। उनका कहना है कि बिल्डर को कई बार नोटिस जारी कर जमीन खरीदने तक का आॅफर दिया गया लेकिन बिल्डर ने कोई रुचि नहीं दिखाई। सीएम विंडो पर मिली शिकायत पर निगम को चार्मवुड विलेज सोसाइटी के मेन गेट पर ताला जड़कर अपनी जमीन खाली करानी पड़ी।इस रास्ते से साढ़े तीन लाख की आबादी का है आना जानाऑल आरडब्ल्यूए चार्मवुड विलेज के कंवीनर एवं एडवोकेट महेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि सोसाइटी के इस मेन गेट से ही दयालबाग, शिव दुर्गा विहार, भरत विहार, लक्कड़पुर आदि कॉलोनियों का आना जाना है। इसके अलावा 25 निजी स्कूलों, 350 बेड का एक निजी अस्पताल, दो सरकारी डिस्पेंसरी पर आने जाने वाले लोग इसी रास्ते का प्रयेाग करते हैं। करीब साढ़े तीन लाख की आबादी का यह मेन रास्ता है। इसे बंद करना अन्याय है। उन्होंने बताया कि इस गेट को बंद करने से लोगों को प्रहलादपुर मानव रचना स्कूल के पास से करीब दो किलोमीटर घूमकर आने जाने का रास्ता है। पीक आवर्स में जाम की स्थिति बन जाती थी।निगम वसूल करेगा अपनी जमीन का किरायानगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव ने बताया कि नगर निगम अब ईरोज बिल्डर ग्रुप से अपनी जमीन का किराया वसूस करेगा। क्योंकि बिल्डर निगम की करीब 1000 वर्ग गज जमीन पिछले तीस साल से उपयोग कर रहा है। उन्होंने बताया कि बिल्डर को करीब सात करोड़ रुपए की रिकवरी नोटिस भेजा गया है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद निगम आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिल्डर ने रिकवरी नोटिस जमा नहीं कराया तो इसी कीमत की कोई भी प्रॉपर्टी जब्त की जा सकती है।