खतरों का सफर कर रहे ग्रामीण, बहती बैनगंगा नदी से हो रहा आवागमन

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राष्ट्र चंडिका,सिवनी/ छपारा। मानसून की वर्षा के बीच जिले के कई हिस्सों में ग्रामीणों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। प्रमुख मार्गो को जोड़ने वाले अधिकांश पुल जर्जर हो चुके हैं।नये पुलों का निर्माण अधूरा होने के कारण इन्हीं पुराने पुलों से आवागमन करने को लोग मजबूर हैं।ऐसा ही नजारा छपारा के भीमगढ़ में देखने को लगातार वर्षा के दौरान देखने को मिल रहा है। साल 2020 में अतिवर्षा में भीमगढ़ पुल डह चुका है। ऐसे में अब ग्रामीणों को आने-जाने के लिए बहती नदी को हर दिन पार करना पड़ता है। गनीमत की बात यह है कि, जहां से ग्रामीणों का आवागमन होता है वह हिस्सा भीमगढ़ बांध के गेट के निचले हिस्से में आता है। वर्षा के पानी का बांध में रूकाव होने के कारण इस हिस्से में बैनगंगा नदी का जल स्तर तब तक नहीं बढ़ता जब तक बांध का गेट ना खोला जाए या फिर कम समय में ज्यादा वर्षा ना हो।नये पुल के अभाव में बीते दो सालों से क्षेत्रवासी सभी खतरों का सामना करते हुए वर्षा के दौरान बैनगंगा नदी को इसी तरह पार करते आ रहे हैं।इसमें स्कूली बच्चों के साथ, शिक्षक, व्यापारी, सरकारी कर्मचारी और भीमगढ़ के आसपास के दर्जनों गांव के हजारों ग्रामीण शामिल हैं।

नए पुल का इंतजारः ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नये पुल बनने का इंतजार है। इसके लिए बीते दो सालों से प्रशासनिक स्तर पर कवायद चल रही है।लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो सका है कि पुल का निर्माण कब प्रारंभ होगा और कब पूरा होगा।लगातार वर्षा के कारण ग्रामीण रास्तों के नदी-नालों पर रपटे बाढ़ के पानी में डूब जाते हैं।ऐसे में उफनाते नदी-नालों को पार करने को क्षेत्रवासी मजबूर है। सिवनी-मंडला स्टेट हाइवे पर मुनगापार पुल के बाढ़ के पानी में डूब जाने के कारण आवागमन बाधित होता है। मुनगापार-धानागाड़ा के पास सागर नदी पर ब्रिटिश काल में बना पुल हर साल जोरदार वर्षा के दौरान बाढ़ के पानी में डूब जाता है।करोड़ों रुपये से बन रहा उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य पूरा होना शेष है।

इन मार्गो में भी होगी समस्याः छपारा से सुनवारा, आदेगांव के खूबी-जमकोना, कुरई के चक्कीखमरिया-सिल्लौर, सिवनी-मुंगवानी मार्ग सहित ग्रामीण क्षेत्र के अन्य कई नदी नालों में बारिश के दौरान क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।सबसे ज्यादा समस्या छपारा, केवलारी और मुंगवानी में देखने को मिलती है।यहां हर साल उफनाते रपटों, पुल को पार करते हुए लोगों को जान गवानी पड़ती है।हाल ही में बंडोल थाना अंतर्गत चंदौरीकला से चंदौरीखुर्द के बीच आमानाला का उफनाता नाला पार करने के दौरान मामा-भांजा बाइक समेत बह गए थे, जिनका शव करीब डेढ से दो किमी दूर मिला था।

कई पुलों की जर्जर हालतः मंडला-सिवनी को जोड़ने वाला बैनगंगा नदी पर बना 50 साल पुराना पुल जर्जर हालत में है।नये पुल का निर्माण जनवरी 2019 से जारी है। खैरापलारी-कहानी पर मझगवां के पास नया पुल अधूरा है।माडल सड़क तीन साल पहले बन चुकी है। लेकिन बैनगंगा नदी पर स्थित 150 साल पुराने फाड़ी के पुल पर लोग सफर कर रहे हैं।बीते दिनों कलेक्टर डा. राहुल हरिदास फटिंग और पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का जायजा लिया था।