विपक्ष के साझा प्रत्याशी यशवंत सिन्हा के चुनाव प्रचार का काम पवार ने संभाला

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नई दिल्ली। देश में सर्वोच्च राष्ट्रपति पद हेतु होने वाले चुनाव के लिए विपक्ष के साझा प्रत्याशी यशवंत सिन्हा के चुनाव प्रचार का काम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार संभाल लिया है। इसके लिए कई विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के आवास पर बैठक की और सिन्हा के चुनाव प्रचार अभियान का जायजा लिया। सूत्रों का कहना है कि पवार ने चुनाव रणनीति की कमान अपने हाथों में संभाल ली है।
एक खबर के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा अपने चुनाव प्रचार के अभियान के तहत आगामी नौ जुलाई को जम्मू-कश्मीर का दौरा कर वहां के लोगों के प्रति एकजुटता प्रकट करेंगे। इस केंद्र शासित प्रदेश में फिलहाल विधानसभा अस्तित्व में नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सिन्हा के चुनाव अभियान प्रबंधक सुधींद्र कुलकर्णी ने बताया कि ‘जम्मू-कश्मीर में विधानसभा नहीं है और वहां के लोग राष्ट्रपति चुनाव में भागीदारी नहीं कर रहे हैं, इसीलिए इसके जरिये राजनीतिक संदेश दिया जाएगा। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस गणराज्य का सबसे महत्वपूर्ण भाग जम्मू-कश्मीर, विधानसभा से वंचित है।’ उन्होंने कहा कि ‘सिन्हा का जम्मू-कश्मीर दौरा वहां के लोगों के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए है।’
गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव में संसद के दोनों सदस्यों के अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के सदस्य भी मतदान करते हैं। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अभी विधानसभा का चुनाव नहीं हुआ है। जबकि शरद पवार के साथ हुई विपक्ष के नेताओं की बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता भालचंद्र कांगो और राष्ट्रीय जनता दल के एडी सिंह शामिल हुए। कुलकर्णी भी इस बैठक में शामिल थे। सिन्हा के प्रचार अभियान के लिए बनी समिति के कुछ सदस्य इस बैठक में डिजिटल तरीके से शामिल हुए। बैठक में यह फैसला किया गया कि यशवंत सिन्हा गुरुवार को उत्तर प्रदेश, शुक्रवार को गुजरात और नौ जुलाई को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे।
कुलकर्णी ने कहा कि उन्होंने विपक्षी नेताओं को सिन्हा के प्रचार अभियान के बारे में जानकारी दी। सिन्हा के प्रचार अभियान की शुरुआत केरल से हुई थी और फिर उन्होंने तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ का दौरा किया। उनके प्रचार अभियान का समापन 17 जुलाई को महाराष्ट्र में होगा। राष्ट्रपति पद का चुनाव 18 जुलाई को होगा। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया है। आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली मुर्मू झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं।