जांच में सही नहीं पाए गए सैंपल, एडीएम कोर्ट ने लगाया जुर्माना

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चूरू: चूरू जिले में खाद्य पदार्थों के 11 सैंपल जांच में सही नहीं पाए जाने पर एडीएम कोर्ट ने 34 लाख 80 हजार का जुर्माना लगाया गया है।चूरू जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत लिए गए खाद्य पदार्थों के 11 सैंपल जांच में सही नहीं पाए जाने पर एडीएम कोर्ट ने 34 लाख 80 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने एक प्रकरण में 5 लाख और 2 प्रकरण में 4-4 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग के निर्देश पर चलाए गए अभियान में खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए थे। इनकी जांच जयपुर प्रयोगशाला से करवाई गई। इनमें कई सैंपल सही नहीं पाए गए। इस पर एडीएम कोर्ट ने 11 प्रकरण में 34 लाख 80 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। CMHO डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लिए गए नमूनों की जांच में सही नहीं पाए गए सैंपल पर यह जुर्माना लगाया गया है।49 नमूने प्रयोगशाला की जांच में हुए फेलखाद्य सुरक्षा अधिकारी फूलसिंह बाजिया ने बताया कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान जनवरी से चलाया जा रहा है। जिले में अभियान के तहत 228 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। नमूनों की जांच जयपुर प्रयोगशाला से करवाई गई। प्रयोगशाला जांच में 38 नमूने अमानक पाए गए। इसके अलावा 7 सैंपल मिस ब्रांड और 4 अनसेफ पाए गए हैं। इसी तरह 16 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।24 प्रकरण में अनुसंधान कर कोर्ट में पेशखाद्य सुरक्षा अधिकारी बाजिया ने बताया कि खाद्य पदार्थों की नमूना जांच नतीजे के बाद 24 प्रकरण एडीएम कोर्ट में पेश किए गए है। इसके अलावा 25 प्रकरण में अनुसंधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्य पदार्थ नमूने प्रयोगशाला जांच में अमानक अथवा मिस ब्रांड पाए जाने पर कोर्ट अतिरिक्त जिला कलेक्टर में प्रकरण आगामी कार्रवाई हेतु प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने बताया कि कोर्ट अतिरिक्त जिला कलेक्टर को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 व विनिमय 2011 के तहत 5 लाख रुपए तक जुर्माना किए जाने का प्रावधान है।