100 साल पहले आचार्य विजय धर्म सूरि का समाधि मरण हुआ | 100 years ago Acharya Vijay Dharma Suri died in Samadhi

Whatsapp

शिवपुरी: भारतीय संस्कृति में गुरू शिष्य की गौरवशाली परम्परा की जड़े कितनी मजबूत हैं, इसका साक्षात उदाहरण शिवपुरी में देखने को मिला। 100 साल पहले सन् 1923 विक्रम संवत 1978 को देश विदेश में ख्याति प्राप्त जैनाचार्य विजय धर्म सूरि महाराज का समाधि मरण हुआ था। उनके शरीर त्यागने केे बाद उनके शिष्य आचार्य विद्या विजय महाराज ने अपने गुरू की याद को चिरस्मरणीय बनाने के लिए शिवपुरी में वीर तत्व प्रकाशक मंडल (बीटीपी) की स्थापना की। शिक्षा और खासकर धार्मिक शिक्षा के क्षेत्र मेें इस संस्था ने इतना बेहतर काम किया कि इसकी ख्याति पूरे देश में फैल गई और इस संस्था से निकले विद्धवानों ने अपने ज्ञान की छाप छोड़ी।बीटीपी के समृद्ध पुस्तकालय में धार्मिक ग्रंथो और शास्त्रों का अध्ययन करने के लिए भी दूर-दूर से लोग आते थे। लेकिन समय के प्रभाव से यह संस्था धीरे-धीरे गुमनामी के अंधेरे में खो गई। लेकिन इतने लंबे अंतराल के बाद आचार्य विजयधर्म सूरि के महाराज की शिष्य परम्परा के प्रसिद्ध जैन संत और आचार्य कुलधर्म विजय महाराज अपने दादा गुरू देव विजय धर्म सूरि की समाधि देखने शिवपुरी आए और अपने उत्कृष्ट शिष्य धर्म का पालन करते हुए उन्होंने विजय धर्म सूरि महाराज का शताब्दी महोत्सव आयोजित करने के लिए शिवपुरी संघ की विनती को स्वीकार कर चार्तुमास करने का निर्णय लिया।यह भी ईश्वरीय संयोग रहा कि उनका आगमन शताब्दी महोत्सव के आयोजन से जुड गया। शिवपुरी में चार्तुमास करने आ रहे परम पूज्य आचार्य कुलचंद्र सुरिश्वर महाराज और पन्यास प्रवर पूज्य मुनि कुलदर्शन विजय महाराज ने अपने गुरू के लिए समर्पित समाधि मंदिर पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए जानकारी दी कि शिवपुरी में वह चार्तुमास गुरू की समाधि भूमि पर धर्म जागरण, गुरू के प्रति अपने धर्म तथा शिष्य परम्परा का निर्वहन करने के लिए कर रहे हैं। उनके चार्तुमास काल में ही आचार्य विजय धर्म सूरि महाराज का शताब्दी महोत्सव है और यह महोत्सव शिवपुरी में 9 सितम्बर से 19 सितम्बर तक समाधि मंदिर पर अनेक धार्मिक आयोजनों के साथ भव्य रूप में मनाया जाएगा। इस आयोजन की जोरदार तैयारियां शुरू हो गई हैं।पन्यास प्रवर कुलदर्शन विजय महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि शताब्दी महोत्सव के पूर्व जैनाचार्य कुलचंद्र सुरिश्वर महाराज ठाणा 3 और परम पूज्प साध्वी शासन रत्ना ठाणा 6 का भव्य नगर प्रवेश 2 जुलाई को शिवपुरी में होगा। चार्तुमास प्रवेश के लिए प्रवेश यात्रा का शुभारंभ समाधि मंदिर से 2 जुलाई को सुबह 8 बजे होगा और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह शोभा यात्रा प्रात: साढ़े 9 बजे पाश्र्वनाथ श्वेताम्बर जैन मंदिर कोर्ट रोड पहुंचेगी। जहां धर्म सभा के पश्चात साधार्मिक वात्सल्य का आयोजन किया जाएगा।इस आयोजन में भाग लेने के लिए देशभर से अनेक जैना श्रावक और श्राविकाएं भी शिवपुरी पहुंचेंगी। पन्यास प्रवर कुलदर्शन विजय ने जानकारी देते हुए बताया कि समूचा आयोजन श्वेताम्बर जैन समाज शिवपुरी, बीटीपी ट्रस्ट और भक्त मंडल द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। चार्तुमास कमेटी के संयोजक तेजमल सांखला, श्वेताम्बर समाज के अध्यक्ष दशरथमल सांखला, सचिव विजय पारख, प्रवीण जैन लिगा और मुकेश भांडावत को मुख्य जिम्मेदारियां सौंपी गई हें।