बिना लिए दिए समय-सीमा में लोगों के काम हों, यही सुशासन है-मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लोगों के काम बिना लिए दिए समय-सीमा में हों, यही सुशासन है। सीएम हेल्पलाइन, गवर्नेंस वन-डे, सीएम ऑनलाइन इसे सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास हैं। सीएम हेल्पलाइन को सुशासन का प्रभावी साधन बनाना है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में लोग अपने कामों के लिए शासकीय कार्यालयों के चक्कर क्यों काटें? ऐसी व्यवस्था स्थापित करनी है, जिससे फोन या ऑनलाइन से ही लोगों के काम हों और लोग राहत महसूस करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान शाजापुर जिले की विकास गतिविधियों, जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। प्रातः 6:30 पर निवास कार्यालय से समीक्षा में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार वर्चुअली सम्मिलित हुए। शाजापुर कलेक्टर श्री दिनेश जैन सहित जिले के सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शाजापुर से वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री संजय दुबे और पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना को भी वर्चुअली जोड़ कर आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के समाधान में सर्वोच्च 5 जिलों में सम्मिलित होने के लिए शाजापुर जिले की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शाजापुर जिला सुशासन में आदर्श बनने का प्रयास करे। विकास कार्यों, जन-कल्याणकारी योजनाओं तथा थाना स्तर पर भ्रष्टाचार करने वालों की जानकारी तत्काल प्राप्त करने के लिए जिला स्तर पर सूचना तंत्र विकसित किया जाए। जिन अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार या कार्य में विलंब की शिकायतें हैं उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। ईमानदारी और लगन से कार्य करने वालों को राज्य शासन की ओर से संरक्षण और उन्हें प्रोत्साहित करने की व्यवस्था भी स्थापित करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिले में हुए नवाचार, पेयजल आपूर्ति की स्थिति, राशन वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों, स्वास्थ्य व्यवस्था, आँगनवाड़ियों के संचालन, अमृत सरोवर योजना और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने एक जिला-एक उत्पाद में जारी गतिविधियों, महिला स्व-सहायता समूह को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित कार्यों की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आँगनवाड़ियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद और संस्कारों के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसे शाजापुर जिला टॉस्क के रूप में लें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शुजालपुर चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शाजापुर जिले से ही ऊर्जा साक्षरता अभियान शुरू किया गया था। अतः बिजली बचाने के लिए शाजापुर जिला पूरे प्रदेश में आदर्श स्थापित करे। कलेक्टर शाजापुर ने जानकारी दी कि जिले के सभी स्कूल, कॉलेजों में बिजली बचत के लिए विद्यार्थियों के क्लब गठित किए गए हैं। शासकीय कार्यालयों में भी अनावश्यक बिजली नहीं जलाने को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बिजली बचाने के प्रयासों में निरंतरता जरूरी है, इस बात का ध्यान रखा जाए कि अभियान में शिथिलता नहीं आए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिले में ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर जल्दी जल जाने की शिकायतें आने पर ट्रांसफार्मर जल्दी जलने के कारणों की प्रदेश स्तर पर समीक्षा के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ट्रांसफार्मर बदलने में भ्रष्टाचार की शिकायतें गंभीर है, इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जाए। प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री संजय दुबे ने बताया कि ऊर्जा विभाग द्वारा स्वयं की एनएबीएल लैब में ट्रांसफार्मर परीक्षण की व्यवस्था की गई है। इससे समस्या के निराकरण में मदद मिलेगी। साथ ही दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है उन्हें सेवा से पृथक किया जा रहा है।

समीक्षा में बताया गया कि राजस्व समस्याओं के निराकरण के लिए जिले में नवाचार करते हुए गुलाना तहसील के 80 गाँवों को चार भागों में बाँटा गया। डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में राजस्व अमले की टीमों द्वारा गाँव-गाँव केम्प करराजस्व संबंधी सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस नवाचार में 3 माह में 40 हजार प्रकरण निराकृत किए गए है। नवाचार का वकीलों, पत्रकारों और महाविद्यालयों के व्याख्याताओं द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन भी कराया गया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शाजापुर जिले के प्याज के निर्यात की प्रक्रिया का स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण दिलवाकर शाजापुर से सीधे अन्य देशों में निर्यात की व्यवस्था विकसित की जाए। उल्लेखनीय है कि एक जिला-एक उत्पाद में शाजापुर जिले में प्याज को लिया गया है। जिले में होने वाला प्याज देश के विभिन्न स्थानों तक जाने के साथ इसका निर्यात कोलकाता के एजेंटों के माध्यम से बांग्लादेश तक किया जाता है।

समीक्षा के महत्वपूर्ण बिन्दु

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा में अधिक संख्या में हो रही मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, विद्युत पंप और भैंसों की चोरी पर चिंता जताई। इस विषय पर तत्काल चर्चा के लिए पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना को वर्चुअली बैठक से जोड़ा गया।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अपराधियों को सूचीबद्ध कर सख्त कार्रवाई की जाए। चोरी की वारदातों, उसमें लिप्त अपराधियों, उन्हें संरक्षण देने वाले व्यक्तियों के नेटवर्क को थाना स्तर तक चिन्हित कर ध्वस्त किया जाए। यदि ऐसे नेटवर्क का विस्तार अन्य जिलों तक हो तो संयुक्त रूप से कार्रवाई करें।

    पेयजल आपूर्ति के बारे में जानकारी दी गई कि 4 हजार 740 में से 600 हैंडपंप पानी नीचे जाने के कारण बंद है। किसी भी स्थान पर जल परिवहन की आवश्यकता नहीं है। जल जीवन मिशन में 204 योजनाएँ स्वीकृत हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए खेत-तालाब बनाने और जल-संरक्षण के कार्य में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

    बिजली बिल राहत योजना में जिले में 342 केंप लगाए गए। जिनमें एक लाख 13 हजार लोगों को 64 करोड़ रुपए की राहत प्रदान की गई। जिले में 12 मई के बाद कोई बिजली कटौती नहीं हुई है।

    राशन वितरण के लिए गोडाउन से निकलने वाले ट्रकों की जीपीएस आधारित ऐप के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। जिले में 92 प्रतिशत राशन वितरण हो रहा है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना में शहरी क्षेत्र में 6 हजार 920 आवास स्वीकृत हुए हैं तथा 5 हजार 112 आवासों का कार्य आरंभ हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र में 98.3 प्रतिशत आवास पूर्ण हो गए हैं।

    आवास निर्माण के लिए हितग्राहियों को कम मूल्य पर निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आवास योजना सहित ग्रामीण विकास और जन-कल्याण के किसी भी कार्यक्रम में भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। पैसा खाने वालों को नौकरी नहीं करने दी जाएगी।

    जिले में 200 अमृत सरोवर का कार्य चल रहा है। अमृत सरोवरों के साथ वृक्षारोपण, पार्क, गौशाला विकसित किए जा रहे हैं। क्षेत्र की गौरव गाथाओं पर आधारित पटल भी स्थापित किए जा रहे हैं।

    स्वच्छता के लिए ग्रामीण क्षेत्र में भी पृथक-पृथक कचरा एकत्रीकरण के लिए विशेष मुहिम आरंभ की गई है।

    जिले की सभी 1054 आँगनवाड़ियों को एडाप्ट किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉक्टरों के माध्यम से आँगनवाड़ी के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का अभियान चलाया गया है।

    जिले की 100 आँगनवाड़ियों में सोलर पैनल लगवाकर पंखे तथा दो बल्ब की व्यवस्था की गई है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लंबित निर्माण कार्यों की समीक्षा की तथा सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय- सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।