सिवनी मॉब लिंचिंग मामला: सीएम शिवराज ने SIT से जांच कराने और एसपी समेत थाना स्टाफ को तत्काल हटाने निर्देश दिए

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एसआईटी का गठन करने और जांच कराने के निर्देश दिए है। साथ ही सिवनी एसपी समेत थाना कुरई और बदलापुर चौकी के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से हटाने को कहा है।
राष्ट्र चंडिका,भोपाल । सिवनी में दो आदिवासियों की मौत के मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एसआईटी का गठन करने और जांच कराने के निर्देश दिए है। साथ ही सिवनी एसपी समेत थाना कुरई और बदलापुर चौकी के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से हटाने को कहा है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को गुना की घटना को लेकर बुलाई आपात कालीन बैठक के बाद सिवनी की घटना को लेकर भी चर्चा की। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो आदिवासियों की मौत और पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी से कराने की बात कही। उन्होंने एसआईटी का गठन कर शीघ्र जांच शुरू करने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने घटना क्षेत्र के पुलिस थाना कुरई थाना क्षेत्र और बादलपार चौकी के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से हटाने के भी निर्देश दिए है।
बता दें सिवनी की घटना पर राजनीति भी गरमा गई है। इसमें कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जांच दल भेज चुके है। वहीं, बीजेपी की तरफ से भेजे जांच दल में आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले पदाधिकारी थे। इस दल ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, कांग्रेस की तरफ से नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह जांच दल में शामिल थे। जिन्होंने बजरंग दल पर आदिवासी परिवार को घर में घुसकर पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया था।

बता दें 2 मई को सिवनी के कुरई के सिमरिया में तीन आदिवासियों को गोकसी का आरोप लगाकर पीटा गया। इसमें एक आदिवासी गंभीर रूप से घायल और दो की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 9 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी। इसके बावजूद आदिवासी वर्ग और स्थानीय लोगों में गुस्सा है। वहीं, आदिवासी वर्ग से जुड़ा मामला होने की वजह से प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है।