भीषण गर्मी में आरक्षक शारीरिक परीक्षा, दौड़ के बाद सिवनी के एक युवक की मौत

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राष्ट्र चंडिका,जबलपुर। पूरे मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। इस बीच प्रदेश के 6 अलग – अलग केंद्रो में आरक्षक भर्ती चल रही है। लेकिन जबलपुर में आरक्षक शारीरिक परीक्षा के 11 मई तीसरा दिन एक युवक की मौत हो गई।
रांझी टीआई के मुताबिक 11 मई को एसएएफ में चल रहे आरक्षक शारीरिक परीक्षा के तीसरे दिन शामिल हुए अभ्यर्थियों में वार्ड नंबर 8 छपरा, खेड़ा जिला सिवनी निवासी नरेंद्र कुमार गौतम (22) की 800 मीटर की दौड़ के बाद अचानक तबियत खराब हो गई। वह दौड़ के बाद लेट गया, उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। उसे तुरंत रांझी अस्पताल और वहां से रेफर करने पर विक्टोरिया फिर जबलपुर हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। पिता शंकर लाल गौतम भी उसे परीक्षा दिलाने आया था। बेटे की मौत से वह बदहवास सा हो गया है।
इधर, एसपी पहुंचे अस्पताल
शारीरिक परीक्षा में युवक की मौत की खबर मिलते ही एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा सहित पुलिस का अमला जबलपुर हॉस्पिटल पहुंच गया है। दरअसल 12 घंटे के अंदर भर्ती में आए दो युवकों की हालत खराब होने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। शारीरिक परीक्षा में किसी अभ्यर्थी की प्रदेश में ये पहली मौत बताई जा रही है।
6 सेंटर्स पर हो रही शारीरक परीक्षा
प्रदेश में छठवीं बटालियन सहित प्रदेश के 6 स्थानों इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर में आरक्षक की शारीरिक परीक्षा चल रही है। मंगलवार को जबलपुर स्थित एसएएफ में आयोजित शारीरिक परीक्षा में 201 अभ्यर्थियों में 165 ही शामिल हुए। इसमें 53 सफल हुए। आवेदकों को शारीरिक परीक्षा में पहले 800 मीटर की दौड़ 2.45 मिनिट में क्वालीफाई करना होता है। इसके बाद लंबी कूद और गोला फेंक में शामिल होने का मौका दिया जाता है।
मंगलवार को बड़ी मुश्किल से बची जान
मंगलवार 10 मई को शाम 4.30 बजे दूसरी पॉली की शारीरिक परीक्षा में बालाघाट निवासी इंदरकुमार लिल्हारे (29) शामिल हुए थे। उसने 800 मीटर की दौड़ पूरी की। फिर किनारे लगी कुर्सियों पर ठंडा पानी पीकर बैठ गया। थोड़ी देर में वह बेहोश हाे गया था। उसके नाक व कान से खून निकलने लगा था। वहां मौजूद चिकित्सकों ने 15 मिनट के अंदर इलाज उपलब्ध कराने की बात कही।
लिहाजा इंदर को पहले रांझी अस्पताल और वहां से उसे रेफर करने पर जबलपुर हॉस्पिटल ले जाया गया। एसएएफ अधिकारियों द्वारा मांगी गई मदद पर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने रांझी, घमापुर और ओमती पुलिस को अलर्ट कर सभी चौराहे-तिराहे पर पुलिस जवानों की ड्यूटी लगा रास्ता क्लीयर कराया। एम्बुलेंस। इंदर को लेकर 8 मिनट में जबलपुर हॉस्पिटल पहुंच गई।
ओमती सीएसपी सहित टीआई थे मौजूद
जबलपुर हॉस्पिटल में पहले से सीएसपी आरडी भारद्वाज और टीआई आेमती एसपीएस बघेल डॉक्टरों की टीम के साथ मौजूद थे। इंदर को एम्बुलेंस से उतारकर आईसीयू में ले जाया गया। वहां इलाज के पांच मिनट बाद ही उसे होश आ गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसका बीपी जहां लो हो गया था। वहीं सुगर लेवल बढ़ गया था। फिलहाल उसकी हालत अब बेहतर बताई जा रही है।