Union Budget 2019 : जल शक्ति अभियान 256 जिलों में, हर घर जल- हर घर नल योजना

Whatsapp

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद मोदी सरकार 2.0 का पहला पूर्ण आम बजट शुक्रवार को संसद में पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि साल 2024 तक हर घर में नल से पानी की आपूर्ति की जाएगी। भारत में जल सुरक्षा सुनिश्चित करना और सभी देशवासियों के लिए शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इसके लिए 256 जिलों में जल शक्ति अभियान शुरू किया गया है। जहां जल स्तर नीचे है, उन जगहों की पहचान की जाएगी। सरकार ने देश में ऐसे एक हजार से ज्यादा स्थानों की पहचान की गई है, जहां जलस्तर नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की बात हो या भू-जल को ऊपर लाने की बात हो, इस मामले में हमें काम करना होगा।

सभी भारतीयों को साफ पेयजल उपलब्ध करवाने के लक्ष्य के तहत जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है। यह पानी के प्रबंधन करेगा और हर घर नल- हर घर जल का लक्ष्य पूरा करने में मददगार होगा। घर का पानी कृषि के क्षेत्र में उपयोग हो सके इसकी व्यवस्था करनी होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि जीरो बजट फार्मिंग की बात हम कर रहे हैं, यह कोई नई चीज नहीं है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा करना आसान हो सकेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय को आपस में जोड़कर जल शक्ति मंत्रालय बनाना इस दिशा में एक प्रमुख कदम है। यह नया मंत्रालय एक समन्वित और समग्र रूप से हमारे जल संसाधनों के प्रबंधन और जल आपूर्ति की देखरेख करेगा। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों के लिए ‘हर घर जल’ (पाइप द्वारा जल आपूर्ति) सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करेगा।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के इस मिशन में वर्षा जल संचय, भूजल संभरण और घरों में इस्तेमाल किए गए जल का कृषि में इस्तेमाल के लिए स्थानीय अवसंचरना के निर्माण सहित, स्थानीय स्तर पर जल की मांग और आपूर्ति से जुड़े प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा। देश भर में टिकाऊ जल आपूर्ति प्रबंधन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जल जीवन मिशन में केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं को शामिल किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने ‘जल शक्ति अभियान’ के लिए 256 जिलों के ऐसे 1592 ब्लॉकों की पहचान की है, जहां जल का संकट है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध धन का इस्तेमाल करने के अलावा, सरकार ‘पूरक वानिकी निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण’ (सीएएमपीए) के तहत उपलब्ध अतिरिक्त धन के इस्तेमाल की संभावना भी तलाशेगी।