स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट, फर्जी है ये सभी कार्ड, बनवाने की गलती मत कर बैठना

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रायपुर। आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाइ) का नाम लेकर प्रदेश में ई कार्ड, गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं, जो फर्जी हैं। ऐसे लोगों के झांसें में न आएं। अगर कोई संस्था, व्यक्ति इस तरह से कार्ड बना रहा है तो उससे संबंधित जानकारी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय को दें, ताकि इनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।

रायपुर सीएमएचओ डॉ. केआर सोनवानी ने इस संबंध में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षकों से लेकर ब्लॉक स्तर तक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को पत्र लिखकर सचेत किया है।

पत्र में उल्लेखित है कि जिले, ब्लॉक, ग्राम पंचायतों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैधानिक रूप से शिविर लगाकर स्वास्थ्य संबंधी हेल्थ डिस्काउंट कॉर्ड बना रहे हैं, जो गैर-कानूनी है। ऐसे व्यक्ति से संबंधित जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में दें। ताकि इनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। सीएमएचओ ने यह भी लिखा है कि इस फर्जीवाड़े के बारे में लोगों को जागरूक करें, ताकि कोई भी ठगी का शिकार न हो।

इसलिए बायोमेट्रिक्स बेस्ड हो रहा है सॉफ्टवेयर- आयुष्मान मित्रों को बायोमेट्रिक्स के माध्यम से सॉफ्टवेयर में अलग लॉग-इन करवाया जा रहा है, ताकि इस तरह के फर्जीवाड़े को रोका जा सके। राज्य में पूर्व में बने स्मार्ट कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड से आयुष्मान योजना का ई-कार्ड बनाया जा रहा है। पहले आयुष्मान मित्रों के मोबाइल नंबर में ओटीपी की व्यवस्था थी, अब इसे बॉयोमेट्रिक्स सिस्टम किया गया है।