हरियाणा पर बैठकों का दौरः PM मोदी और शाह से मिलेंगे खट्टर, BJP के समर्थन में कांडा

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नई दिल्लीः हरियाणा के मतदाताओं ने भाजपा को सबसे बड़ा दल बनाने के बावजूद त्रिशंकु विधानसभा का जनादेश दिया। हरियाणा में अब सरकार बनाने की कुंजी दुष्यंत चौटाला नीत जजपा और निर्दलीयों के हाथों में आ गई है। ऐसे में हरियाणा को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर शुक्रवार को चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वे यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। खट्टर आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी देंगे, जिसके बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। हरियाणा में सरकार बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही जोड़-तोड़ शुरू कर दिया है। ऐसे में हरियाणा में सरकार बनाने की कुंजी जजपा और निर्दलीय दल के हाथों में है।

गोपाल कांडा लगाएंगे बेड़ा पार
हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले आठ निर्दलियों में से दो विधायकों को भाजापा की एक सांसद दिल्ली ले गईं। सूत्रों ने बताया कि निर्दलीय गोपाल कांडा और रणजीत सिंह को सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल एक चार्टर्ड विमान से दिल्ली लेकर गई हैं। कांडा और सिंह ने विमान में सवार होने से पहले मीडिया से कहा कि वह उस पार्टी का समर्थन करेंगे जो सिरसा के विकास के लिए काम करेगी। दुग्गल ने दो निर्दलियों को दिल्ली ले जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और सिर्फ इतना कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है। कांडा ने सिरसा से जीत हासिल की है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के भाई सिंह रानिया सीट से विजयी हुए हैं। सिंह को कांग्रेस ने टिकट देने से इनकार कर दिया था और उन्होंने निर्दलीय के तौर चुनाव लड़ा था। सूत्रों ने बताया कि सिंह और कांडा अपना समर्थन भाजपा को दे सकते हैं। भाजपा को चुनाव में 40 सीटें हासिल हुई हैं और सरकार बनाने क लिए उसे जादुई आंकड़ा 46 चाहिए। ऐसे में अगर कांडा और अन्य निर्दलीय दल भाजपा का समर्थन करते हैं तो वह यह जादुई आकड़ा पार कर सरकार बनाने की ओर अग्रसर हो सकती है।

खट्टर के 8 कैबिनेट मंत्री हारे
खट्टर के आठ मंत्री भी इस चुनाव में चारों खाने चित्त हो गए। भाजपा ने अपने 10 मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन इनमें से महज दो ही जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। कैबिनेट मंत्री और पांच बार विधायक रहे अनिल विज अपनी पारंपरिक सीट अंबाला छावनी से जीत गए हैं। वहीं, राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने भी बावल सीट से जीत दर्ज की है।

हारने वाले मंत्री
हारने वाले मंत्रियों में रामबिलास शर्मा (महेंद्रगढ़), कैप्टन अभिमन्यु (नारनौंद), ओमप्रकाश धनखड़ (बादली), कविता जैन (सोनीपत), कृष्णलाल पंवार (इसराना), मनीष कुमार ग्रोवर (रोहतक), कृष्ण कुमार बेदी (शाहबाद) और कर्ण देव कांबोज (रादौर) शामिल हैं। मुख्यमंत्री खट्टर ने करनाल सीट बरकरार रखी है। सत्तारूढ़ भाजपा के कई और प्रमुख नेताओं के सितारे गर्दिश में मिल गए जिनमें पार्टी के प्रदेश प्रमुख सुभाष बराला भी शामिल हैं । वह टोहाना सीट पर जजपा के देवेन्द्र सिंह से 52,302 मतों के भारी अंतर से हार गए ।